प्राकृतिक आपदा और मानव
प्रकृति से खिलवाड़ :-मानव प्रकृति से खिलवाड़.करता है,उसका परिणाम हमेशा बुरा होता है। जैसे पेड़ो की अन्धाधुंध कटाई,भुमि की अनावश्यक खुदाई,जानवरों को मारना ।ऐसे कार्यों से प्रकृति संतुलन बिगड़ जाता है।फिर प्रकृति अपना विकराल रूप धारण करती है।जैसे:-भुकंप आना,भुमि का कटाव,अनावृष्टि,अतिवृष्टि,ओलावृष्टि, स्वाइन फ्लू,कोरोना वायरस जैसे महामारी का आगमन होता है।वर्तमान में कोरोना वायरस ने पुरे विश्व में तबाही मचा रखी है।मनुष्य के शरीर की प्रकृति शाकाहारी भोजन पचाने की है,लेकिन आज का मानव अपनी आदतों से बाज नहीं आता ।जब कोई दिक्कत नहीं होती तो इतना स्वार्थी बन जाता है कि बेजुबान जानवरो को मारकर मार्केट के मार्केट ही खोल लेता है।जब नतीजा सामने आता है फिर रोने के सिवा कोई चारा नही बचता इसलिए पहले ही प्राचीन भारतीय संस्कृति व सभ्यता के साथ जीना सिख ले तो ऐसी आपदा आती ही नहीं। खिलवाड़ का नतीजा :- सुपर साइक्लोन 'अम्फान' बेहद ताकतवर होकर भारतीय तटों की तरफ दौड़ा चला आ रहा है। 1999 के बाद पहली बार कोई सुपर साइक्लोन भारत में दस्तक दे रहा है। यह तूफान कितना खतरनाक है, इसका अंदाज...